मौत का कुआँ (maut ka kuan khuni kahani)- न्यू हॉरर स्टोरी इन हिंदी

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मौत का कुआँ (maut ka kuan khuni kahani)- हॉरर कहानियां (न्यू हॉरर स्टोरी इन हिंदी):

ये भूतिया खूनी कहानी रेगिस्तान के एक मौत का कुआँ की है, जहाँ केवल पानी की एक बूँद की तलाश में, कई ज़िंदा इंसान दफ़न हो गए| दरअसल शहर से कई किलोमीटर दूर, एक वीरान रेगिस्तान था| रेगिस्तान के आस पास कुछ ऐसे रहस्यमयी जगह थी, जहाँ खनिज पाए जाने के संकेत मिले थे| जिसकी लालच में कई लोग, उस रेगिस्तान में जाने की कोशिश करते थे और रेगिस्तान की रेत में कहीं खो जाते थे| हालाँकि कुछ लोगों का अनुभव, वहाँ से वापस आने का भी था, लेकिन वह रेगिस्तान के ज़्यादा अंदर तक प्रवेश नहीं कर पाए थे, इसलिए उनकी क़िस्मत अच्छी थी| ऐसे ही एक व्यक्ति, जिसका नाम कृपाल सिंह था| दरअसल वह ऊँट से, रेत के रास्ते, सामान ढोने का काम करता था| एक दिन गलती से, वह भटक कर मौत के रेगिस्तान के क़रीब पहुँच जाता है, लेकिन उसका ऊँट आगे नहीं बढ़ता और वह वापस लौट आता है| कृपाल सिंह ने, भूतिया रेगिस्तान की खूनी हलचल महसूस की थी| उसे समझ में आ गया था कि, यदि उसका ऊँट उस जगह से उल्टे पाँव भागा है तो, ज़रूर वहाँ कोई खून रहस्य छुपा है| रेगिस्तान में एक सोलर प्लांट लगने वाला था, जिसके लिए उसी रहस्यमयी रेगिस्तान में सर्वे टीम रिसर्च करने पहुँचती है|

मौत का कुआँ (maut ka kuan khuni kahani)- हॉरर कहानियां (न्यू हॉरर स्टोरी इन हिंदी): short ghost story
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रिसर्च टीम को पता लगाना है कि, रेगिस्तान के किस हिस्से में, सबसे ज़्यादा तेज़ सूरज की रोशनी आती है क्योंकि, उसी की किरणों की मदद से, विद्युत उत्पादन किया जा सकता था| रिसर्च टीम स्पेशल गाड़ी से, रेगिस्तान में पेट्रोलिंग करने लगती है| रेत में गाड़ी की गति कम होती है, इसलिए वह धीरे धीरे ही रेगिस्तान का तापमान, नापते हुए बढ़ते जाते हैं, लेकिन अचानक वह, उसी मौत के कुएँ के क़रीब, पहुँच जाते हैं, जहाँ से कोई वापस नहीं आ सका| गाड़ी मौत के कुएँ की, रेत से, फिसलने लगती है| गाड़ी का ड्राइवर, ब्रेक लगाकर उसे रोकने की कोशिश करता है, लेकिन कुएँ की ढलान की वजह से, वह संतुलन खो देता है और गाड़ी मौत के कुएँ में, समा जाती है और हज़ारों टन रेत, गाड़ी को दबा देती है| यहाँ कंपनियों को सूचना मिलती है कि, उनकी गाड़ी का कोई पता नहीं चल रहा है| कंपनी के अधिकारी सैटलाइट पिक्चर मंगवाते हैं ताकि, उन्हें ट्रैक किया जा सके, लेकिन ताज्जुब की बात है कि, एक वक़्त के बाद, सैटलाइट पिक्चर में भी, उनकी गाड़ी नज़र नहीं आती| रेगिस्तान का रहस्य खुलने की बजाय, उलझता जा रहा था| कंपनी के बहुत से पैसे, उस प्रोजेक्ट में लगे थे, इसलिए उन्हें किसी भी हालत में सर्वे पूरा करना ही था| कंपनी के अधिकारियों को पता चलता है कि, कृपाल सिंह नाम का एक व्यक्ति उस सैटेलाइट पॉइंट से आगे तक जा चुका है, जिसके सबूत वीडियो में है| अधिकारी अपनी टीम के साथ, कृपाल सिंह के घर पहुँचते हैं|

मौत का कुआँ (maut ka kuan khuni kahani)- हॉरर कहानियां (न्यू हॉरर स्टोरी इन हिंदी): short horror story
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कृपाल सिंह घर में खाना बना रहा होता है और अधिकारियों को दरवाज़े पर देखते ही पूछता है कि, “आपको किससे मिलना है” ? अधिकारी उसे उसी के नाम से संबोधित करते हुए, हाथ बढ़ाते हैं| कृपाल सिंह सभी को बैठने को कहता है और जब उसे, पूरी बात पता चलती है तो, वह उन्हें मना करने लगता है| वह उन्हें बताता है कि, वहाँ कोई रहस्यमयी शक्ति है जो, मुझे महसूस हुई है| आप अपना काम रोक दीजिए” लेकिन कंपनी के अधिकारी कृपाल सिंह को मोटी रक़म की लालच देते हैं और उसे अपनी रिसर्च टीम का हिस्सा बना लेते हैं| कृपाल सिंह काफ़ी समय से बेरोज़गार था और उसके सर में कई लोगों की उधारी थी, इसलिए मजबूरी में उसे रिसर्च टीम का हिस्सा बनना पड़ता है| वह ज़्यादा पढ़ा लिखा तो नहीं है, लेकिन वह रेत का बादशाह है| उस रेगिस्तान में कृपाल सिंह से ज़्यादा कोई नहीं गया था, इसलिए उसे कुछ लोग रेगिस्तान का जहाज़ भी कहते थे| दोबारा से रिसर्च टीम उसी दिशा में गाड़ी को आगे बढ़ाती है, लेकिन कृपाल सिंह गाड़ी के आगे आगे ऊँट से चलता है| उसे पूरा यक़ीन है कि, ख़तरा समझ में आते ही, उसका ऊँट उसे आगाह कर देगा| इस बार कृपाल सिंह काफ़ी आगे तक बढ़ता जाता है, लेकिन ऊँट कोई प्रतिक्रिया नहीं देता| कृपाल सिंह को संदेह होने लगता है कि, कहीं ऐसा तो नहीं कि, इस बार ऊँट को पता ही नहीं चल रहा हो कि, आगे ख़तरा है| कृपाल सिंह के पीछे रिसर्च टीम की गाड़ी बढ़ रही होती है| अचानक गाड़ी की गति तेज होने लगती है और वह फिसलते हुए, कपाल सिंह बग़ल से आगे निकल जाती है| उन्हें समझ नहीं आता की गाड़ी की गति, अपने आप तेज कैसे हो रही है| धीरे धीरे उनकी गाड़ी कुएँ की रेत में, चली जाती है|

मौत का कुआँ (maut ka kuan khuni kahani)- हॉरर कहानियां (न्यू हॉरर स्टोरी इन हिंदी): short horrible story
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कृपाल सिंह घबरा जाता है और ज़ोर ज़ोर से, उन्हें आवाज़ लगाता है, लेकिन उसे यह समझ नहीं आता कि, वह सुरक्षित खड़ा हुआ है, लेकिन उसके आजू बाज़ू की रेत फिसलकर, कुएँ में जा रही है| वह अपने ऊँट को, पीछे करके वापस आ जाता है और जब कंपनी के सभी लोगों को यह पता चला है तो, वह इस बात की गंभीरता को समझते हुए, अपना कार्य रोक देते हैं| सभी उसे मौत का कुआं ज़ोन घोषित करते हैं| दरअसल वह कुआं रेगिस्तान का रक्षक है जो, रेगिस्तान में रहने वाले जीव जन्तुओं की रक्षा करता है और वहाँ किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं होने देना चाहता| कुएँ के अनसुलझे रहस्य के साथ, यह कहानी समाप्त हो जाती है।

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